ब्रेकिंग
ईरान में प्रतापगढ़ के चीफ ऑफिसर सहित 16 भारतीय बंधक, जिलाधिकारी ने विदेश मंत्रालय को लिखा पत्र डेरवा में 18 जन. को आ रहे अंतरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद के संस्थापक प्रवीण तोगड़िया प्रतापगढ़: ईरान में फंसे मर्चेंट नेवी के चीफ ऑफिसर, परिजनों ने पीएम मोदी और विदेश मंत्री से लगाई गुह... प्रतापगढ़ पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ी पहल उत्तरप्रदेश के पूर्व राज्यपाल श्री राम नाईक ने सबसे पहले मतदान किया। नकली सोने का लालच देकर ठगी करने अंतर्जनपदीय शातिर टप्पेबाज गिरफ्तार, कई जिलों में फलाया था जाल  राष्ट्रभक्ति व निस्वार्थ भाव से देश के युवा करें कार्य- नरेंद्र ठाकुर प्रतापगढ़: मेडिकल कॉलेज के स्टाफ नर्स की संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत, इलाके में सनसनी मारपीट में घायल युवक की इलाज दौरान हुई मौत,मृतक के भाई का आरोप स्थानीय पुलिस नहीं कर रही है पोस्टमार... प्रतापगढ़: मिशन प्रबंधक पर अवैध वसूली के आरोप, कार्रवाई न होने पर समूह की दर्ज़नो महिलाओं ने खोला मोर...
उत्तरप्रदेशप्रतापगढ़

एसीजीएम की अदालत का विरोध, कानून मंत्री को भेजा ज्ञापन

(प्रतापगढ़लालगंज )आउटलाइन कोर्ट में एसीजीएम कोर्ट का संचालन होने के विरोध में एक माह से मुख्यालय के अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहकर विरोध कर रहे हैं। सोमवार को अधिवक्ता संगठन की ओर से प्रदेश सरकार के कानून मंत्री को ज्ञापन भेजकर कार्रवाई की मांग की गई। सोमवार को कचहरी स्थित जूनियर बार एसोसिएशन पुरातन के कार्यालय पर अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह, महामंत्री विवेक त्रिपाठी ने बैठक की।

लालगंज आउटलाइन कोर्ट में एसीजीएम की अदालत का संचालन शुरू होने से मुख्यालय के अधिवक्ताओं की आवाज बुलंद कर न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया। इस दौरान जिलाबार के अध्यक्ष बृजेश सिंह, महामंत्री राजेश्वर सिंह, वकील परिषद के अध्यक्ष आनंद पांडेय, वकील परिषद के मंत्री विजयनाथ पांडेय, जूनियर के बाद के उपाध्यक्ष पुष्पराज सिंह, हरीश शुक्ला, मुकेश ओझा, अजीत ओझा, संजय कनौजिया, हंसराज दुबे, कमलेश गौतम, दीपक मिश्र आदि ने कानून मंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम शिवसहाय अवस्थी को दिया। इसमें उन्होंने बताया कि दहिलामऊ में परिवार न्यायालय, लालगंज, कुंडा, पट्टी तहसीलों में नियम को दरकिनार कर आउटलाइन कोर्ट की स्थापना की गई है। पहले भी संगठन की ओर से आउटलाइन कोर्ट के विरोध में आंदोलन किया गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। छह सूत्री मांगों पर जूनियर बार, वकील परिषद व जिला बार के पदाधिकारियों ने कार्रवाई की मांग की है। सोमवार को पदाधिकारियों ने विरोध प्रकट करने के बाद न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया।

यह भी पढ़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button